
कैमूर। बिहार के कैमूर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर सैरात वसूली के नाम पर कथित अवैध उगाही का मामला सामने आया है। कुदरा नगर पंचायत क्षेत्र के भभुआ मोड़ के पास वाहनों को रोककर पैसे वसूलने का आरोप लगाया गया है। ऑटो चालकों का दावा है कि पैसे देने से इनकार करने पर उन्हें मारपीट की धमकी दी जाती है। मामले में नगर पंचायत और पुलिस के अलग-अलग बयान सामने आने से वसूली की अनुमति और शिकायत की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
ऑटो चालकों ने लगाए वसूली के आरोप
पीड़ित ऑटो चालकों के अनुसार, उनसे रोजाना पैसे की मांग की जाती है। चालकों का आरोप है कि रकम नहीं देने पर उनके साथ मारपीट करने की धमकी दी जाती है। उन्होंने बताया कि रोजी-रोटी कमाने के लिए उन्हें मजबूरी में पैसे देने पड़ते हैं। हालांकि, वसूली करने वाले लोगों की पहचान और रकम से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नगर पंचायत ने शिकायत देने की कही बात
कुदरा नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी उजली राज ने बताया कि इस मामले में थाने को लिखित सूचना दी गई है। उनके बयान के अनुसार, कथित वसूली के मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया गया है।
वहीं, कुदरा थानाध्यक्ष प्रियेश प्रियदर्शी ने ऐसी किसी सूचना की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वसूली कहां की जानी है।
वसूली के आदेश पर उठे सवाल
नगर पंचायत की ओर से लिखित सूचना दिए जाने की बात कहे जाने और थानाध्यक्ष द्वारा जानकारी से इनकार किए जाने के बाद मामले में असमंजस की स्थिति है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों को रोककर पैसे वसूलने की अनुमति किसने दी है और क्या संबंधित वसूली के लिए कोई आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
यदि वसूली के नाम पर वाहन चालकों को धमकाया जा रहा है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करना आवश्यक होगा। साथ ही, शिकायत की प्राप्ति और वसूली की वैधता की स्थिति स्पष्ट होना भी जरूरी है।
फिलहाल, ऑटो चालकों के आरोपों और संबंधित अधिकारियों के बयानों के बीच मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है। वसूली से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह तय हो सकेगा कि मौके पर किस आधार पर पैसे लिए जा रहे हैं।






