मुंबई: तमिल फिल्म ‘सेल्वी’ का 31वें बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में नौ अक्टूबर को वर्ल्ड प्रीमियर हुआ। फिल्म को दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया मिली। प्रीमियर के दौरान थिएटर दर्शकों से खचाखच भरा रहा, जबकि अगली स्क्रीनिंग के टिकट भी बिक गए।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेत्री अंजलि पाटिल द्वारा निर्मित इस फिल्म से निर्देशक सेलैश रथ्नाकुमार ने निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा है। फिल्म को महोत्सव के प्रतिष्ठित ‘विजन-एशिया’ खंड में शामिल किया गया है। यह इस श्रेणी में जगह बनाने वाली दो भारतीय फिल्मों में से एक है।
फिल्म की कहानी प्रवासी होम-केयर नर्स सेल्वी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार अंजलि पाटिल ने निभाया है। वह अमीर परिवारों के घरों में रहकर उनकी देखभाल करती है और कई बार लगातार 72 घंटे तक काम करती है। इस दौरान उसके पास अपनी जिंदगी के फैसले लेने की आजादी और समय दोनों सीमित हो जाते हैं। अतीत की एक घटना सामने आने के बाद उसकी जिंदगी बदल जाती है। फिल्म प्रवासन, दोस्ती, देखभाल, संघर्ष और आत्मरक्षा जैसे विषयों को दर्शाती है।
अंजलि पाटिल ने कहा कि बुसान जैसे प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव में फिल्म का प्रीमियर होना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कोरियाई दर्शकों से मिली प्रतिक्रिया पर खुशी जताते हुए फिल्म को अपने लिए बेहद निजी बताया।
निर्देशक सेलैश रथ्नाकुमार ने भी दर्शकों की प्रतिक्रिया पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपनी पहली फिल्म की स्क्रीनिंग ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर होना सपने जैसा अनुभव है।
फिल्म का संपादन नौ बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके ए. श्रीकर प्रसाद ने किया है, जबकि साउंड डिजाइन आनंद कृष्णमूर्ति ने संभाला है। फिल्म में अर्चना पद्मिनी और विनोद किशन भी अहम भूमिकाओं में हैं।
रेड सी फंड और हॉन्ग कॉन्ग एशिया फिल्म फाइनेंसिंग के सहयोग से बनी यह फिल्म अब 50वें साओ पाउलो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अपनी अगली अंतरराष्ट्रीय स्क्रीनिंग के लिए तैयार है।







