रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम के पैदल यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण आवाजाही बाधित हो गई है। चीड़वासा क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने से रास्ता अवरुद्ध हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गौरीकुंड में श्रद्धालुओं को रोक दिया है। मार्ग को दोबारा खोलने के लिए मजदूरों के साथ बचाव दल और पुलिस की टीम जुटी हुई है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र, रुद्रप्रयाग से मिली जानकारी के अनुसार, केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीड़वासा में मलबा और पत्थर गिरने की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मार्ग बाधित होने के कारण यात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
मार्ग खोलने में जुटी टीमें
प्रशासन के अनुसार, लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता, गुप्तकाशी की ओर से जानकारी दी गई कि रास्ता साफ करने के लिए मजदूर लगाए गए हैं। बचाव टीम और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद हैं। मलबा और पत्थर हटाकर पैदल मार्ग को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण यात्रा मार्गों पर अचानक बाधा उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है। मार्ग से मलबा हटाने और स्थिति का आकलन करने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है।
श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील
केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। रास्ता बंद होने की स्थिति में यात्रियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए और सुरक्षित स्थान पर रुककर आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।
केदारनाथ धाम तक पहुंचने वाला पैदल मार्ग ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। यहां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भूस्खलन जैसी घटनाएं यात्रा को प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल चीड़वासा में रास्ता साफ करने का काम जारी है और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए आवाजाही पर रोक लगाई गई है।







