पटना: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की बैठक में व्यापारियों के हित में लिए गए फैसलों का स्वागत किया है। पार्टी ने कहा कि ये निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की व्यापारिक समुदाय के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रुंगटा ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार व्यापारियों को राहत देने, कारोबार को आसान बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसलिए उनके सम्मान, सुविधा और हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
जीएसटी प्रावधानों में बदलाव से राहत की उम्मीद
सुरेश रुंगटा ने जीएसटी काउंसिल की ओर से जीएसटी से जुड़े अपराधों में गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाने, अभियोजन की आर्थिक सीमा बढ़ाने और सामान्य जुर्माने में कमी करने संबंधी सिफारिशों को व्यापारियों के लिए राहतकारी बताया।
उन्होंने बताया कि अभियोजन की आर्थिक सीमा को एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है। वहीं, सामान्य जुर्माने को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव भी व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, इन कदमों से कारोबारियों को जीएसटी नियमों के अनुपालन से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, व्यापारिक गतिविधियों को अधिक सुगम बनाने और कारोबार के अनुकूल माहौल तैयार करने में भी मदद मिल सकती है।
कारोबार को आसान बनाने पर जोर
रुंगटा ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखकर नीतिगत फैसले लेना जरूरी है। उनके मुताबिक, व्यापारिक समुदाय को सुविधाएं मिलने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
भाजपा ने जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों को व्यापारियों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उनका स्वागत किया। हालांकि, इन बदलावों का वास्तविक प्रभाव संबंधित प्रावधानों के अंतिम स्वरूप और लागू होने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।







