नवरात्र पर महंगाई की मार: दुर्गा प्रतिमाओं के दाम 20% बढ़े
Inflation hits Navratri: Durga idol prices rise 20%

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर की मूर्तिकार कार्यशालाओं में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि, इस बार महंगाई का असर दुर्गा प्रतिमाओं की कीमतों पर भी पड़ा है। मिट्टी, बांस, लकड़ी, रंग और सजावट की सामग्री महंगी होने के कारण मूर्तिकारों ने प्रतिमाओं के दाम में करीब 20 प्रतिशत वृद्धि की है।

निर्माण सामग्री महंगी, बढ़ी लागत

नवरात्र से पहले राजधानी में दुर्गा पूजा समितियां अपनी पसंद के अनुसार प्रतिमाएं तैयार करवा रही हैं। समय पर काम पूरा करने के लिए मूर्तिकार और उनके परिवार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। मूर्तिकार पीलू राम साहू के अनुसार, इस वर्ष प्रतिमा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली लगभग सभी जरूरी सामग्रियों की कीमतें बढ़ गई हैं।

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काली और पीली मिट्टी, पुआल, बांस, लकड़ी के ढांचे, वाटरप्रूफ और पर्यावरण अनुकूल रंग, वस्त्र, सुतली तथा आभूषण-सजावट की सामग्री महंगी होने से लागत में इजाफा हुआ है। इसी वजह से प्रतिमाओं की कीमतों में 20 प्रतिशत तक वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।

मिट्टी की प्रतिमाओं पर जोर

बढ़ती लागत के बावजूद मूर्तिकारों का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं आई है। इस बार पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) के बजाय मिट्टी से प्रतिमाएं बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं को पारंपरिक हस्तनिर्मित कपड़ों, गोटे और किनारी से सजाया जा रहा है।

जयपुर के राजवाड़े की तर्ज पर बनेगा पंडाल

राजधानी के बूढ़ापारा चौक के पास इस वर्ष जयपुर के राजवाड़े की शैली में भव्य दुर्गा पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। कलाकार राजस्थानी स्थापत्य कला की झलक दिखाने में जुटे हैं।

दुर्गा पूजा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुनील गायकवाड़ ने बताया कि समिति इस वर्ष अपना 47वां उत्सव भव्य रूप से मनाने की तैयारी कर रही है। श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के सौम्य स्वरूप के दर्शन होंगे।

उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार नवरात्र के दौरान प्रतिदिन तीन बार माता की साड़ी बदली जाती है। बाद में इन साड़ियों को श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिया जाता है। साड़ी प्राप्त करने के लिए श्रद्धालु पहले से पंजीयन कराते हैं।

महंगाई के कारण प्रतिमा निर्माण और पंडाल सजावट का खर्च बढ़ने के बावजूद रायपुर में नवरात्र को लेकर उत्साह बना हुआ है। मूर्तिकार पारंपरिक कला और पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं के जरिए उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।