सासाराम (रोहतास)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सासाराम आगमन से पहले बेदा स्थित रिंग रोड के उद्घाटन द्वार के अचानक गिरने की घटना सामने आई है। करीब 122 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बेदा रिंग रोड का उद्घाटन मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान होना था। कार्यक्रम से पहले ही उद्घाटन द्वार के गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बेदा रिंग रोड को लेकर मुख्यमंत्री के सासाराम दौरे की तैयारियां चल रही थीं। उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर सड़क और आसपास के क्षेत्र में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही थीं। इसी दौरान उद्घाटन के लिए बनाए गए मुख्य द्वार के गिरने की सूचना सामने आई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल बढ़ गई।
राहत की बात यह रही कि जिस समय उद्घाटन द्वार गिरा, उस दौरान उसके आसपास बड़ी संख्या में लोग या कोई बड़ा काफिला मौजूद नहीं था। इससे संभावित रूप से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से ठीक पहले हुई इस घटना ने तैयारियों की निगरानी और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चेनारी विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने घटना को सुरक्षा व्यवस्था में चूक बताया है। उन्होंने उद्घाटन द्वार के निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और उसकी मजबूती को लेकर भी सवाल उठाए हैं। विधायक का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम से पहले इस तरह की घटना गंभीर विषय है और इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
घटना के बाद संबंधित अमला मौके पर पहुंचा और गिरे हुए ढांचे को हटाने तथा कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। साथ ही मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा और अन्य तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
करीब 122 करोड़ रुपये की लागत से बने रिंग रोड के उद्घाटन से पहले ही मुख्य द्वार का गिरना अब चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि कार्यक्रम से ठीक पहले तैयार किया गया उद्घाटन द्वार आखिर किन कारणों से गिरा और निर्माण की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी। मामले की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







