मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग, विपक्षी सांसदों का मार्च
Demand to remove Chief Election Commissioner; opposition MPs march.

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाला। पुलिस द्वारा रास्ते में रोके जाने के बाद विपक्षी सांसद नीति आयोग के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ सांसदों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास भी किया।

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव गुट) समेत विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्रित हुए। हाथों में बैनर लेकर सांसद निर्वाचन आयोग की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें आकाशवाणी के सामने नीति आयोग के पास रोक दिया।

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पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग किए जाने के बाद प्रदर्शनकारी सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान राहुल गांधी राष्ट्रीय ध्वज लेकर बैरिकेड के ऊपर चढ़ते हुए नजर आए। कई अन्य सांसदों ने भी बैरिकेड पार करने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।

मार्च में कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा, पी. चिदंबरम, सुप्रिया सुले, राजीव शुक्ला और अन्य नेताओं के अलावा समाजवादी पार्टी, राजद, तृणमूल कांग्रेस तथा शिवसेना के कई सांसद शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार चुनावी अधिकारों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना विरोध जारी रखेगा।

राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई चुनावों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाए और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म-6 में कथित बदलाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में चुनावी प्रक्रिया और दस्तावेजों को लेकर स्पष्टता जरूरी है।

विपक्षी दलों ने अपने प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। वहीं, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण कुछ समय के लिए इलाके में आवाजाही भी प्रभावित रही।