सिंगापुर। हरियाणा को प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर की एक दर्जन से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ गोलमेज बैठक की। बैठक में सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, सिंगापुर बिजनेस फोरम के तहत आयोजित बैठक में श्री सैनी ने राज्य में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और निवेश के अवसरों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गुरुग्राम, पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक जैसे शहरों को जीसीसी तथा प्रौद्योगिकी आधारित कारोबार के नए विकास केंद्रों के रूप में विकसित करना चाहती है।
गुरुग्राम पहले से ही कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रमुख केंद्र है। राज्य सरकार अब पारंपरिक आईटी और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों से आगे बढ़कर हाईटेक और टिकाऊ उद्योगों में निवेश का आधार मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसके लिए सिंगापुर के साथ तकनीकी सहयोग और विदेशी पूंजी आकर्षित करने की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित डेटा सेंटर नीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य में डेटा सेंटर पॉलिसी लाने की तैयारी है। इससे डिजिटल कारोबार और डेटा आधारित उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
बैठक में विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स को हरियाणा की प्रमुख ताकत के रूप में पेश किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी निवेश के साथ तकनीकी विशेषज्ञता हासिल करने और राज्य की मौजूदा औद्योगिक क्षमता का विस्तार करने पर बातचीत हुई।
हरियाणा सरकार ने बैठक में शामिल कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन कई क्षेत्रों में ठोस निवेश प्रस्तावों पर चर्चा होने की जानकारी दी। सिंगापुर भारत के प्रमुख विदेशी निवेश साझेदारों में शामिल है और तकनीक, बुनियादी ढांचे तथा औद्योगिक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा के दौरान निवेश और व्यावसायिक सहयोग से जुड़ी अन्य बैठकों का सिलसिला भी जारी रहने की उम्मीद है।







