सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने सामूहिक रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई
Saudi Arabia, Pakistan, and Turkey reiterated their commitment to collective defense.

रियाद। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने अपने खिलाफ होने वाले किसी भी हमले का मिलकर मुकाबला करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने कहा कि तीनों देश राज्य और पवित्र स्थलों को निशाना बनाने वाले हमलों का सामना करने के लिए एकजुट हैं और जरूरत पड़ने पर सामूहिक प्रतिरोध के उपाय लागू करने के लिए तैयार हैं।

खालिद बिन सलमान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि ‘मक्का रक्षा समझौते’ के तहत रणनीतिक, राजनीतिक और रक्षा समिति की आपातकालीन बैठक में तीनों देशों की एकजुटता पर जोर दिया गया। बैठक में सऊदी अरब और पवित्र स्थलों के खिलाफ किए गए हमलों तथा उनके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गठजोड़ के दायरे में सामूहिक प्रतिक्रिया की व्यवस्था पर सहमति बनी।

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आपातकालीन बैठक के बाद तुर्की के विदेश मंत्रालय की ओर से भी एक संयुक्त बयान जारी किया गया। बयान में कहा गया कि सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने रक्षा गठबंधन के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। तीनों देशों ने गठबंधन के पहले महासचिव की नियुक्ति पर सहमति जताई है।

संयुक्त बयान के अनुसार, पाकिस्तान के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल नौमान महमूद को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए गठबंधन का पहला महासचिव नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तीनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

मक्का रक्षा समझौते पर सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने हस्ताक्षर किए थे। समझौते का उद्देश्य तीनों देशों के बीच रणनीतिक, राजनीतिक और रक्षा सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत किसी भी भागीदार देश पर होने वाले सशस्त्र हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

समझौते के तहत सामूहिक सुरक्षा और आपसी रक्षा सहयोग को प्राथमिकता दी गई है। ऐसे में तीनों देशों की आपात बैठक और सामूहिक प्रतिक्रिया पर बनी सहमति क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग आने वाले समय में गठबंधन की भूमिका और उसके संस्थागत ढांचे को और मजबूत कर सकता है। तीनों देशों ने आपसी समन्वय और सामूहिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है।