रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी और आईपीएस अधिकारी बताकर 64 वर्षीय किराना दुकानदार को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने पीड़ित और उसकी पत्नी को करीब 44 दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखने का दावा किया और इस दौरान उनसे 8.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
मामला खमतराई थाना क्षेत्र के उरकुरा बजरंग नगर का है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित देवसिंह साहू के पास एक महिला का फोन आया था। महिला ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले का हवाला देते हुए उनकी बात आदित्य नाम के व्यक्ति से कराई। इसके बाद आरोपियों ने परिवार, जमीन और बैंक खातों से संबंधित जानकारी हासिल की।
इसके बाद बलराज सिंह नामक व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए पूछताछ शुरू की। कुछ समय बाद वीडियो कॉल के माध्यम से प्रदीप सिंह नामक व्यक्ति से बात कराई गई, जिसने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया। आरोपियों ने देवसिंह से कहा कि उनके नाम से आईसीआईसीआई बैंक में 6.80 करोड़ रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और उनका नाम भी मामले में शामिल है।
आरोपियों ने रकम के सत्यापन के नाम पर पीड़ित को अलग-अलग खातों में पैसे जमा करने के लिए कहा। रकम नहीं देने पर सीबीआई की कार्रवाई और परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। लगातार दबाव के बीच पीड़ित और उनकी पत्नी को वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया और हर घंटे अपडेट देने के लिए कहा गया।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने कई बार में कुल 8.50 लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेजे। रकम की लगातार मांग होने पर उन्होंने अपने भाई को पूरी घटना की जानकारी दी। भाई ने उन्हें साइबर ठगी का शिकार होने की बात बताई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
पीड़ित ने पुलिस को बैंक स्टेटमेंट, चैट, संदेश और लेन-देन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। खमतराई पुलिस ने मामला दर्ज कर संबंधित बैंक खातों और आरोपियों की पहचान की जांच शुरू कर दी है।







