मुजफ्फरपुर: यह खबर मुजफ्फरपुर के साहेबगंज थाना क्षेत्र के मोरहर मोरई गांव से सामने आई है, जहां 45 वर्षीय वीरेंद्र राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के शरीर पर चोट और जख्म के कई निशान मिलने के बाद घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पड़ोस के दो लोगों ने विवाद के बाद वीरेंद्र राम को बुलाकर उसके साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
ग्रामीण सुरेश राय के अनुसार, जितिया पर्व के दौरान भी मृतक को कथित तौर पर धमकी दी गई थी। अगले दिन दो लोगों ने उसे दोबारा बुलाया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक वीरेंद्र राम गंभीर रूप से घायल हो चुका था। आरोप है कि घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही साहेबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। शुरुआती जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है।
एसडीपीओ सरैया अभिजित कौर ने बताया कि एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मृतक का शव घर के बाहर संदिग्ध अवस्था में मिला। घर में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था और मृतक की पत्नी व बच्चे भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीरेंद्र राम की मौत मारपीट के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। आरोपों की सत्यता, घटनास्थल के साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







