भालू के हमले में महिला की मौत, कांग्रेस ने की कार्रवाई की मांग
Woman dies in bear attack; Congress demands action.

नयी दिल्ली। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के नैनीडांडा क्षेत्र में भालू के हमले में 55 वर्षीय मंजू देवी की मौत के बाद इलाके में वन्यजीवों की बढ़ती समस्या को लेकर चिंता जताई गई है। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने घटना को गंभीर बताते हुए हमलावर भालू को पकड़ने या आवश्यक कार्रवाई के तहत उसे मारने के आदेश दिए जाने की मांग की है।

धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि ढंगल गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भालू की मौजूदगी से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीण जरूरी काम के लिए भी घरों से बाहर निकलने में आशंकित हैं। उन्होंने राज्य के वन मंत्री सुबोध उनियाल से मामले में तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

GNSU Admission Open 2026

कांग्रेस नेता ने कहा कि वन विभाग को प्रशिक्षित और अनुभवी शूटरों की टीम तत्काल क्षेत्र में भेजनी चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग कुछ स्थानों पर जाल लगाने तक सीमित है, जबकि ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही से लोगों की जान को खतरा बना हुआ है।

उन्होंने वन्यजीवों के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी उठाई। धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि ऐसे मामलों में मृतकों के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये की सहायता राशि दी जानी चाहिए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सके।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भालू के अलावा बंदर, बाघ और गुलदार जैसे वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियां भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। वन्यजीवों और मानव बस्तियों के बीच बढ़ते टकराव को रोकने के लिए सरकार को दीर्घकालिक और प्रभावी योजना तैयार करनी चाहिए।

धीरेंद्र प्रताप ने सरकार से वन विभाग की निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की मांग की। उनका कहना है कि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने के साथ समस्या के स्थायी समाधान पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।