नागोया। जापान में आयोजित आइची-नागोया एशियाई खेलों का समापन हो गया। करीब दो सप्ताह तक चले इस खेल महाकुंभ में चीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार 12वीं बार पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। चीन ने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य सहित कुल 341 पदक जीते। विदेशी धरती पर आयोजित एशियाई खेलों में यह चीन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
मेजबान जापान पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा। जापानी खिलाड़ियों ने 83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य पदक जीतकर कुल 269 पदक अपने नाम किए। दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। तीनों देशों के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में दमदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी मजबूत स्थिति बनाई।
प्रतियोगिता के दौरान एशिया के कई देशों के खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। चीन ने तैराकी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स सहित कई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया और बड़ी संख्या में स्वर्ण पदक हासिल किए। उसके खिलाड़ियों के लगातार बेहतर प्रदर्शन ने एक बार फिर एशियाई खेलों में चीन की मजबूत स्थिति को सामने रखा।
इन खेलों में व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए थाईलैंड के धावक पुरीपोल बूनसन और चीन की युवा तैराक यू जिडी को मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (एमवीपी) चुना गया। पुरीपोल बूनसन को पुरुष वर्ग में, जबकि यू जिडी को महिला वर्ग में यह सम्मान मिला।
पुरीपोल बूनसन ने एथलेटिक्स में अपने प्रदर्शन से खास पहचान बनाई। वहीं, यू जिडी ने तैराकी स्पर्धाओं में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन खेलों के प्रमुख आकर्षणों में रहा।
आइची-नागोया एशियाई खेलों में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल भावना का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान कई मुकाबले बेहद करीबी रहे और खिलाड़ियों ने पदक जीतने के लिए पूरा जोर लगाया।
एशियाई खेलों के समापन के साथ चीन ने एक बार फिर पदक तालिका में अपना वर्चस्व कायम रखा। जापान और दक्षिण कोरिया ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।







