भदोही। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास नगर (भदोही), मिर्जापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही वाराणसी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट प्लान को भी जल्द लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह बात इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण के दौरान कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों के साथ संवाद में कही।
संवाद के दौरान उद्यमियों ने कालीन उद्योग के लिए अलग नीति बनाने, कारोबार से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने, हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को अलग श्रेणी में रखने और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने समेत कई मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मिर्जापुर के कालीन कारोबारी अनिल कुमार ने बेहतर कनेक्टिविटी के मुद्दे को उठाते हुए मिर्जापुर शहर और कालीन कारोबार से जुड़ी आवश्यकताओं पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, उद्यमी इम्तियाज अहमद ने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से कारोबारियों को मिल रहे लाभ का उल्लेख करते हुए कालीन उद्योग के लिए भी इसी तरह की अलग नीति बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उद्यमी पीयूष कुमार बरनवाल ने हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए अलग व्यवस्था की मांग रखी। उन्होंने कहा कि हस्तनिर्मित कालीन तैयार करने में अधिक समय और श्रम लगता है तथा भारत इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिए इसे सामान्य मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी से अलग रखते हुए उद्योग की जरूरतों के अनुरूप नीति बनाई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हस्तनिर्मित कालीन से जुड़े बुनकरों ने अपनी पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाया है। सरकार इस क्षेत्र के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
महिला उद्यमियों की भागीदारी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। उद्यमी आदर्श पूर्णिमा ने कहा कि कालीन उद्योग में बड़ी संख्या में महिलाएं उद्यमी और कामगार के रूप में जुड़ी हैं, लेकिन कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) में उनकी पर्याप्त भागीदारी नहीं है। उन्होंने सीईपीसी में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान की मांग की। मुख्यमंत्री ने सीईपीसी से महिला उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके लिए स्थान आरक्षित करने को कहा।







