मैड्रिड। स्पेन में बढ़ते आवास संकट और किराये की बढ़ती कीमतों के खिलाफ मैड्रिड समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। आयोजकों के अनुसार, राजधानी मैड्रिड में करीब पांच लाख लोग सड़कों पर उतरे, जबकि अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की संख्या लगभग 70 हजार बताई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से किरायेदारों को अधिक सुरक्षा देने और आवास को किफायती बनाने की मांग की।
ये प्रदर्शन संसद द्वारा किरायेदारों की सुरक्षा से जुड़े सरकार के दो अध्यादेशों को खारिज किए जाने के बाद हुए। मैड्रिड के प्रमुख पर्यटन स्थल पुएर्ता देल सोल में प्रदर्शनकारी कई दिनों से शिविर लगाए हुए हैं। यहां प्रदर्शनकारियों ने किराये की बढ़ती लागत के खिलाफ नारे लगाए और सामान्य हड़ताल की संभावना का भी संकेत दिया।
किरायेदार संघ ने कहा कि जनता की मांगों और राजनीतिक दलों के फैसलों के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। संघ किराये में 50 प्रतिशत तक कटौती, अनिश्चित अवधि वाले किराया अनुबंध और निवेश कंपनियों से मकानों के अधिग्रहण की मांग कर रहा है। संघ की प्रवक्ता वलेरिया राकु के मुताबिक, सामान्य हड़ताल की तारीख अभी तय नहीं हुई है और विभिन्न संगठनों के साथ इस संबंध में बातचीत जारी है।
मैड्रिड में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। हालांकि, वालेंसिया में प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने रियल एस्टेट निवेश सम्मेलन स्थल की ओर मार्च किया। इस दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेड और पुलिस घेरा हटाने की कोशिश की तथा अधिकारियों की ओर वस्तुएं फेंकीं। पुलिस ने रबर की गोलियों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
देश के अन्य शहरों में भी आवास संकट के खिलाफ रैलियां हुईं। बार्सिलोना, सैन सेबेस्टियन, काडिज, लास पालमास दे ग्रान कैनारिया, लांजारोते, फुएरतेवेंतुरा और तेनेरिफे में प्रदर्शन हुए। बार्सिलोना में प्रदर्शनकारियों ने अपना शिविर अनिश्चितकाल तक जारी रखने की बात कही।
आंदोलन की पृष्ठभूमि में 87 वर्षीय मारिकारमेन अबास्कल का मामला भी प्रमुख रहा। आवास अधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, एक निवेश कंपनी द्वारा उनकी लंबे समय से रह रही संपत्ति खरीदने के बाद किराया बढ़ाने की मांग की गई थी। विरोध के बाद नए मालिक उन्हें कम किराये पर उसी मकान में रहने देने पर सहमत हुए।







