पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में शनिवार को सैकड़ों लोगों ने यूक्रेन को दी जा रही फ्रांसीसी सहायता के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने यूक्रेन को हथियार और आर्थिक मदद जारी रखने की नीति पर आपत्ति जताते हुए फ्रांस से यूरोपीय संघ (ईयू) और नाटो से बाहर निकलने की मांग की।
यह प्रदर्शन मध्य पेरिस के पैलेस-रॉयल स्क्वायर में आयोजित किया गया। इसका आह्वान दक्षिणपंथी ‘पेट्रियट्स पार्टी’ के नेता और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ्लोरियन फिलिपोट ने किया था।
प्रदर्शन के दौरान लोगों के हाथों में कई तरह के पोस्टर और बैनर दिखाई दिए। इनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यूक्रेन नीति का विरोध किया गया। कुछ पोस्टरों पर “हम यूक्रेन के लिए नहीं मरेंगे”, “मैक्रों बाहर जाओ” और “फ्रेक्सिट के लिए” जैसे नारे लिखे थे।
फिलिपोट ने प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनका संदेश स्वतंत्रता और शांति से जुड़ा है। उन्होंने फ्रांस के ईयू और नाटो से बाहर निकलने तथा यूक्रेन में जारी संघर्ष के लिए धन और हथियारों की आपूर्ति रोकने की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन को दी जा रही आर्थिक सहायता का इस्तेमाल फ्रांस में घरेलू स्तर पर किया जा सकता है। फिलिपोट ने विशेष रूप से सरकार से यूक्रेन को भेजे जाने वाले धन का उपयोग फ्रांस में गैस पर लगने वाले कर को कम करने के लिए करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस की विदेश नीति और यूक्रेन को लेकर सरकार के रुख पर अपनी असहमति जताई। उनका कहना था कि फ्रांस को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करते हुए घरेलू आर्थिक मुद्दों और नागरिकों की जरूरतों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन को लेकर यूरोपीय देशों की नीतियां और सैन्य सहायता लगातार राजनीतिक बहस का विषय बनी हुई हैं। फ्रांस में भी यूक्रेन को समर्थन देने और यूरोपीय तथा नाटो प्रतिबद्धताओं को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं।







