पौड़ी। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर गंगाभोगपुर आंगनबाड़ी केंद्र में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती और धात्री महिलाओं, किशोरियों तथा बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने किया। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना तथा उन्हें अपने अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बच्चों, किशोरियों और गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार को जरूरी बताया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी, यमकेश्वर अंजू डबराल ने कार्यक्रम में महिलाओं और किशोरियों को नंदा गौरा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने योजनाओं की पात्रता, मिलने वाले लाभ और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी साझा करते हुए पात्र महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान पोषण से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं और किशोरियों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया गया। स्थानीय पौष्टिक खाद्यान्नों को दैनिक आहार में शामिल करने और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
इस अवसर पर दो महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की गई, जबकि 11 किशोरियों को टेक होम राशन (टीएचआर) दिया गया। कार्यक्रम में दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। इसके अलावा एक गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म संपन्न हुई।
कार्यक्रम में शीशपाल रावत, अंजू डबराल, नागेंद्र भट्ट समेत संबंधित महिलाएं, किशोरियां और अन्य लोग मौजूद रहे। नागेंद्र भट्ट ने कार्यक्रम का संचालन किया। आयोजन के माध्यम से पोषण, मातृ स्वास्थ्य और बच्चों की देखभाल को लेकर समुदाय में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।







