चेन्नई। तमिलनाडु के अरियालुर जिले के सेंधुरई क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में काम करने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन श्रमिकों की मौत हो गई। हादसे में दम घुटने से तीनों श्रमिकों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान दिनाकरण (60), बास्कर (45) और रामचंद्रन के रूप में हुई है। बताया गया कि सेंधुरई-उदयारपालयम मुख्य मार्ग स्थित वल्लालार नगर में एम. सुब्रमणियन मकान का निर्माण करा रहे थे। मकान के निर्माण के दौरान सेप्टिक टैंक भी बनाया गया था।
पुलिस के मुताबिक सेप्टिक टैंक का निर्माण पूरा होने के बाद दिनाकरण और बास्कर उसके अंदर निर्माण कार्य के दौरान लगाए गए लकड़ी के तख्ते और खंभे निकालने के लिए उतरे थे। रामचंद्रन बाहर रहकर दोनों की मदद कर रहे थे। इसी दौरान टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैस के संपर्क में आने से दिनाकरण और बास्कर अचानक बेहोश हो गए।
दोनों को बचाने के प्रयास में रामचंद्रन भी सेप्टिक टैंक के अंदर उतर गए। कुछ ही देर में उन्हें भी सांस लेने में परेशानी होने लगी और वह बेहोश हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद मकान मालिक ने तत्काल पुलिस और दमकल एवं बचाव सेवा विभाग को सूचना दी।
बचाव दल की मदद से तीनों श्रमिकों को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला गया और सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए अरियालुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने मकान मालिक सुब्रमणियन से पूछताछ कर घटना की परिस्थितियों की जानकारी ली। पूछताछ में बताया गया कि निर्माण पूरा होने के बाद सेप्टिक टैंक को क्योरिंग के लिए 20 दिनों से अधिक समय तक बंद रखा गया था। पुलिस के अनुसार टैंक से दुर्गंध भी आ रही थी। प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि लंबे समय तक बंद रहने के कारण टैंक के भीतर जहरीली गैस जमा हो गई, जिससे श्रमिकों की दम घुटने से मौत हुई।







