कोविड से पहले के स्तर के करीब पहुंची वैश्विक जीवन प्रत्याशा: WHO
Global life expectancy nears pre-COVID levels: WHO

मास्को। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में औसत जीवन प्रत्याशा कोविड-19 महामारी से पहले के स्तर के करीब पहुंच गई है। स्वास्थ्य एजेंसी के नए आकलन में वर्ष 2000 से 2023 तक विभिन्न देशों और क्षेत्रों में जीवन प्रत्याशा, मृत्यु दर, बीमारियों की स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी प्रमुख रुझानों का विश्लेषण किया गया है।

WHO के मुताबिक, 2023 में दुनिया की औसत जीवन प्रत्याशा 73.3 वर्ष रही, जो 2019 में दर्ज 73.4 वर्ष के लगभग बराबर है। महामारी के दौरान जीवन प्रत्याशा में आई गिरावट के बाद इसमें दोबारा सुधार दर्ज किया गया है। यह वैश्विक स्वास्थ्य स्थिति में सुधार का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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रिपोर्ट में हालांकि यह भी सामने आया है कि दुनिया में मौतों के प्रमुख कारणों की तस्वीर लगातार बदल रही है। 2023 में वैश्विक स्तर पर हुई कुल मौतों में लगभग 74 प्रतिशत मौतें गैर-संचारी रोगों के कारण हुईं। वर्ष 2000 में यह हिस्सेदारी करीब 58 प्रतिशत थी। इससे संकेत मिलता है कि हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह और अन्य दीर्घकालिक बीमारियां वैश्विक स्वास्थ्य के लिए बढ़ती चुनौती बनी हुई हैं।

WHO के अनुसार, 2023 में दुनिया भर में लगभग 6.1 करोड़ मौतें हुईं। इनमें करीब 3.3 करोड़ मौतें 10 प्रमुख कारणों से जुड़ी थीं। इन 10 प्रमुख कारणों में आठ गैर-संचारी रोग शामिल थे।

मौत के प्रमुख कारणों में हृदयवाहिका संबंधी रोग सबसे महत्वपूर्ण रहे। इनमें इस्कीमिक हृदय रोग और स्ट्रोक शामिल हैं। इसके अलावा क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) तथा निचले श्वसन तंत्र के संक्रमण भी मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल रहे।

रिपोर्ट में डिमेंशिया से होने वाली मौतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। WHO के अनुसार, वर्ष 2000 की तुलना में डिमेंशिया से होने वाली मौतों की संख्या लगभग तीन गुना हो गई। वहीं, कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद चिंता विकार और अवसाद से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में भी तेजी से वृद्धि देखी गई।

WHO ने इन आंकड़ों के जरिए वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों और बदलते रोग-भार की तस्वीर सामने रखी है।