उरई स्कूल में छात्रों को कानूनी अधिकारों की जानकारी
Information about legal rights to students in Orai school

जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान के तहत दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, उरई में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बच्चों की सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों और साइबर अपराधों से बचाव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश और जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर की अध्यक्षता प्रथम सिविल जज सीनियर डिवीजन शांभवी ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराध, शोषण, उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है।

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उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध, असहज या असुरक्षित स्थिति का सामना होने पर उसे छिपाने के बजाय तुरंत किसी विश्वसनीय व्यक्ति, अभिभावक या संबंधित अधिकारी से सहायता लें। कार्यक्रम में बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनाली चन्द्रा ने विद्यार्थियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर बच्चे और उनके परिजन इन सेवाओं की मदद ले सकते हैं।

सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकिता सिंह ने साइबर सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील विवरण साझा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही गुड टच और बैड टच की पहचान तथा व्यक्तिगत सुरक्षा के उपायों पर भी जानकारी दी गई।

सिविल जज प्रत्यूष प्रकाश ने निःशुल्क विधिक सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में बताया। अनिरुद्ध सिंह ने लोक अदालत और सुलह-समझौता केंद्र की उपयोगिता समझाई।

शिविर में विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) मौजूद रहे।