नयी दिल्ली। निर्वाचन आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों और आयोग के बीच बढ़ते मतभेदों के बीच विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के प्रमुख घटक दलों की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक में निर्वाचन आयोग के खिलाफ संयुक्त राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा तैयार करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सहित विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। हालांकि, विपक्षी गठबंधन के दो प्रमुख घटक दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और आम आदमी पार्टी (आप) बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से संबंधित नामांकन प्रक्रिया में व्यस्तता के कारण बैठक में उपस्थित नहीं रहेंगे। उनकी जगह पार्टी का प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल होगा।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने बैठक को लेकर कहा था कि इसमें विपक्षी दलों से महत्वपूर्ण सुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों के आधार पर भविष्य में प्रस्तावित आंदोलन के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाएगी। विपक्षी दलों का उद्देश्य निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपनी मांगों को संयुक्त रूप से उठाना और आगे की कार्रवाई के लिए साझा रणनीति बनाना है।
इस बीच, द्रमुक ने बैठक में शामिल नहीं होने के बावजूद विपक्षी दलों के साथ वैचारिक एकजुटता जाहिर की है। पार्टी प्रवक्ता टी. के. एस. एलंगोवन ने स्पष्ट किया कि द्रमुक ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में हिस्सा नहीं लेगी, लेकिन संसद में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का प्रस्ताव लाए जाने पर उसका समर्थन करेगी।
विपक्षी दलों की इस बैठक को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी अभियान के स्वरूप, विभिन्न दलों की भागीदारी और आगामी राजनीतिक एवं संसदीय कदमों पर चर्चा होने की संभावना है।







