वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ब्रिटेन के फेयरफोर्ड सैन्य हवाईअड्डे के पास सप्ताहांत में हुई घटना को गंभीर बताते हुए कहा है कि इसमें किसी विदेशी ताकत की भूमिका होने के संकेत हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है।
रुबियो ने सोमवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि ब्रिटेन में सप्ताहांत के दौरान हुई घटना बेहद गंभीर है और इसमें स्पष्ट रूप से किसी विदेशी शक्ति का हाथ होने की बात सामने आई है। उन्होंने इस मामले में ब्रिटेन की ओर से दिए जा रहे सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।
यह घटना ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड सैन्य हवाईअड्डे के आसपास हुई। रविवार को ब्रिटिश पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत अपराधों के संदेह में हवाईअड्डे के पास पांच लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी पांच लोग ब्रिटिश नागरिक हैं।
पुलिस के मुताबिक, इन लोगों की उम्र 23 से 25 वर्ष के बीच है और सभी लंदन में रहते हैं। हिरासत में लिए जाने के अगले दिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और घटना के पीछे की परिस्थितियों तथा संभावित साजिश की पड़ताल की जा रही है।
आरएएफ फेयरफोर्ड यूरोप में स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसका इस्तेमाल नियमित रूप से अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षक विमानों के लिए किया जाता है। इस वजह से यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है।
ब्रिटिश अधिकारियों ने मार्च में अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए इस हवाईअड्डे के इस्तेमाल की अनुमति दी थी। ब्रिटेन का कहना है कि अमेरिकी विमान फेयरफोर्ड का इस्तेमाल केवल रक्षात्मक अभियानों के लिए कर सकते हैं।
अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर इससे पहले भी फेयरफोर्ड हवाईअड्डे के आसपास विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। ताजा घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और विदेशी हस्तक्षेप की आशंकाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि, रुबियो के बयान में विदेशी ताकत के तौर पर किसी देश या संगठन का नाम नहीं बताया गया है। मामले में ब्रिटिश जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आने वाली आधिकारिक जानकारी से घटना की वास्तविक पृष्ठभूमि स्पष्ट होने की उम्मीद है।







