मास्को: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों की आलोचना की। उन्होंने संघर्ष में आम नागरिकों के नुकसान का उल्लेख करते हुए अमेरिका और इजरायल पर घटनाओं के तथ्यों को छिपाने तथा अपने कृत्यों को उचित ठहराने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
अराघची ने दावा किया कि हमलों में 5,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमलों में नागरिक आबादी और बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया गया।
ईरानी विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में कई घटनाओं का उल्लेख किया। इनमें मिनाब के एक स्कूल में छात्रों और शिक्षकों की मौत, लामर्ड स्टेडियम पर क्लस्टर बम से हमला, गेश्ब में एक घर पर भारी बम गिराए जाने और सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल हमले का दावा शामिल था।
अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायल के प्रधानमंत्री पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से संघर्ष से जुड़े तथ्यों को अपने पक्ष में प्रस्तुत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित और हमलावर की भूमिकाओं को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश की गई।
ईरानी विदेश मंत्री ने देश के सर्वोच्च नेता और अन्य वरिष्ठ राजनीतिक एवं सैन्य अधिकारियों की हत्या की भी निंदा की। उन्होंने इसे गंभीर अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
अराघची ने अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए संघर्ष का असर ईरान की अर्थव्यवस्था तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इसे कूटनीति के बजाय दबाव और आर्थिक कार्रवाई करार दिया।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनके अनुसार अमेरिका और इजरायल ईरानी नागरिकों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों को छिपाने में सफल नहीं हो सकते। उनके बयान ऐसे समय आए हैं जब क्षेत्र में तनाव और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।







