Raj Thackeray's mysterious post stirs Maharashtra politics

मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे की सोशल मीडिया पर की गई एक रहस्यमयी पोस्ट ने राज्य की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। उन्होंने लिखा, “कौवे के श्राप से गाय नहीं मरती। फिलहाल, बस इतना ही…”

राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट में किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया। हालांकि, उनके इस तीखे संदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि उनका इशारा किसकी ओर है और उन्होंने यह टिप्पणी किस संदर्भ में की।

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यह पोस्ट महाराष्ट्र में भाषा और क्षेत्रीय पहचान को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच सामने आई है। नवी मुंबई में हाल ही में आयोजित एक बड़े भाषा सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र की बहुभाषी प्रकृति पर जोर दिया था। सम्मेलन के दौरान मराठी समेत अन्य भारतीय भाषाओं के बीच संतुलन को लेकर भी चर्चा हुई थी।

राज ठाकरे लंबे समय से महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पहचान और मराठी भाषा से जुड़े मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं। ऐसे में उनकी ताजा पोस्ट को राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने संदेश में किसी खास मुद्दे या नेता का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है।