मुंबई: घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह आई तेज गिरावट के बाद आगामी सप्ताह निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और घरेलू महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। कच्चे तेल में हालिया तेजी ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है और आने वाले दिनों में भी इसकी कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक 15 और 16 सितंबर को होगी। बैठक के बाद फेड के रुख और ब्याज दरों को लेकर संकेतों का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
घरेलू स्तर पर खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़े भी इसी सप्ताह जारी होने हैं। निवेशक इन आंकड़ों से अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों की आगे की दिशा को लेकर संकेत तलाशेंगे।
बीते सप्ताह घरेलू बाजार में चौतरफा बिकवाली रही। बीएसई का सेंसेक्स 1,733.67 अंक यानी 2.27 प्रतिशत गिरकर शुक्रवार को 74,781.76 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 भी 499.60 अंक यानी 2.09 प्रतिशत टूटकर 23,398.10 अंक पर आ गया।
वृहत बाजार में गिरावट तुलनात्मक रूप से कम रही। निफ्टी मिडकैप-50 में 1.09 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 में 0.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 25 के शेयरों में साप्ताहिक गिरावट रही। इंफोसिस 8.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज 6.72 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज 4.84 प्रतिशत और टीसीएस 4.30 प्रतिशत नीचे रहे।
इसके अलावा टेक महिंद्रा, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईसीआईसीआई बैंक में भी 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, अडानी पोर्ट्स का शेयर 3.28 प्रतिशत चढ़ा और सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। पावरग्रिड, एनटीपीसी और बीईएल में भी साप्ताहिक तेजी रही।








