Vijay Mallya claims he is legally barred from leaving the UK.

अंतर्राष्ट्रीय: भगोड़े आर्थिक अपराधी घोषित किए जा चुके कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर आपत्ति जताई है। माल्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट के जरिए दावा किया कि वह भारत लौटने से जानबूझकर इनकार नहीं कर रहे हैं, बल्कि कानूनी कारणों से यूनाइटेड किंगडम छोड़ने में असमर्थ हैं।

माल्या ने कहा कि वह 1992 से ब्रिटेन के स्थायी निवासी हैं और फिलहाल उन्हें कानूनी तौर पर देश छोड़ने से रोका गया है। उन्होंने भारत सरकार और जांच एजेंसियों पर अपने खिलाफ ‘अन्यायपूर्ण कार्रवाई’ करने का आरोप भी लगाया।

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माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कथित रिकवरी का हवाला देते हुए दावा किया कि बैंकों से जुड़े मामले में बड़ी रकम की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी रिकवरी के बावजूद उन्हें लगातार ‘धोखेबाज’ और ‘भगोड़ा’ क्यों कहा जाता है। हालांकि, उनके इन दावों पर संबंधित एजेंसियों की प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।

विजय माल्या को भारत में Fugitive Economic Offender घोषित किया जा चुका है। वह किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े बैंक ऋण मामले में भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।

इस साल फरवरी में बॉम्बे हाई कोर्ट ने माल्या की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था कि वह अदालत की कार्यवाही से दूर रहकर राहत की मांग नहीं कर सकते। अदालत ने उन्हें यह स्पष्ट करने का अवसर दिया था कि क्या वह भारत लौटना चाहते हैं।

माल्या ने अपनी पोस्ट में ED द्वारा जब्त संपत्तियों और रकम से किंगफिशर के कर्मचारियों को कथित तौर पर भुगतान किए जाने का भी उल्लेख किया। वहीं, भारत सरकार पहले स्पष्ट कर चुकी है कि वह विदेशों में रह रहे वांछित आर्थिक अपराधियों को कानूनी प्रक्रिया के जरिए भारत वापस लाने के प्रयास जारी रखेगी।

माल्या के ताजा बयानों से उनके भारत प्रत्यर्पण और वित्तीय मामलों को लेकर बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।