समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघिया नगर पंचायत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में देर रात अचानक आग लगने से दो खराब एंबुलेंस पूरी तरह जलकर राख हो गईं। आग की तेज लपटें और धुआं देखकर अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि दमकल कर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे अस्पताल भवन और आसपास खड़े अन्य वाहन सुरक्षित बच गए।
बताया जा रहा है कि दोनों एंबुलेंस लंबे समय से खराब थीं और उन्हें अस्पताल परिसर में एक स्थान पर खड़ा किया गया था। एंबुलेंस के पास ही अस्पताल से निकलने वाले कचरे को जमा करने के लिए गड्ढा बनाया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, कचरे से दुर्गंध आने के कारण वहां अक्सर आग लगा दी जाती थी।
आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह कचरे में लगाई गई आग से निकली चिंगारी हवा के साथ एंबुलेंस तक पहुंच गई। देखते ही देखते एक एंबुलेंस में आग भड़क उठी और कुछ ही देर में पास खड़ी दूसरी एंबुलेंस भी इसकी चपेट में आ गई। दोनों वाहनों से ऊंची लपटें उठने लगीं, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद लोग घबरा गए।
आग की सूचना मिलते ही अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्डों ने अग्निशमन विभाग को जानकारी दी। सूचना मिलने पर दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया गया। हालांकि, तब तक दोनों एंबुलेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह जल चुकी थीं।
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एम. अंसारी ने बताया कि परिसर में खड़ी दो एंबुलेंस में आग लगने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कचरा जलाने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर खुले में कचरा जलाना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। छोटी सी चिंगारी भी वाहनों के साथ अस्पताल भवन और मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। ऐसे में अस्पताल परिसर में कचरा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।








