कैमूर: करमचट डैम से पानी छोड़े जाने के बाद मोहनिया और कुदरा प्रखंड के कई निचले इलाकों में बने बाढ़ जैसे हालात में अब राहत मिलने लगी है। डैम से पानी का डिस्चार्ज तेजी से कम होने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर भी लगातार नीचे जा रहा है।
कैमूर के डीएम कुमार अनुराग ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के साथ मोहनिया पावर हाउस और कटाव से प्रभावित रास्तों का भी जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीएम के अनुसार, करमचट डैम से पहले करीब 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे घटाकर अब करीब 300 क्यूसेक कर दिया गया है। डिस्चार्ज में कमी आने के बाद निचले इलाकों में जमा पानी तेजी से कम हो रहा है।
प्रभावित गांवों का विधायक ने भी किया दौरा
मोहनिया विधायक संगीता कुमारी ने भी अधिकारियों के साथ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए बक्सर से एसडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई है।
विधायक ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन की ओर से लगातार माइकिंग कर ग्रामीणों को सावधान किया जा रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।
राहत के बावजूद प्रशासन की नजर
जलस्तर में कमी आने से प्रभावित लोगों को राहत मिली है, लेकिन प्रशासन अभी भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों को तत्काल राहत के साथ-साथ कटाव और जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल करमचट डैम के डिस्चार्ज में भारी कमी और जलस्तर के नीचे जाने से हालात में सुधार के संकेत हैं। हालांकि प्रशासन किसी भी संभावित बदलाव को लेकर पूरी तरह सतर्क है।







