पटना: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से तटबंधों की सुरक्षा तथा प्रभावित इलाकों में किए जा रहे एहतियाती इंतजामों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह 4 सितंबर को दोपहर 1 बजे प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर, तटबंधों की सुरक्षा, संभावित जलभराव वाले इलाकों और राहत-बचाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करेंगे।
SDRF-NDRF को अलर्ट रखने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखने तथा प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में राहत एवं बचाव दल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पहले से पूरी रहनी चाहिए।
प्रभावित इलाकों में लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की अग्रिम व्यवस्था करने को कहा गया है। प्रशासन को स्थानीय लोगों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह सतर्क है और आम लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासन को स्थिति पर लगातार निगरानी रखने तथा जान-माल की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को कहा।
खतरे के निशान से 1.65 मीटर ऊपर पहुंचा गंगा का जलस्तर
आंकड़ों के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर को सुबह 6 बजे 49.40 मीटर दर्ज किया गया था, जो शाम 6 बजे बढ़कर 49.50 मीटर हो गया। 2 सितंबर को सुबह जलस्तर 49.71 मीटर और शाम को 49.98 मीटर दर्ज किया गया।
वहीं, 3 सितंबर को सुबह 6 बजे जलस्तर 50.18 मीटर और दोपहर 12 बजे 50.25 मीटर दर्ज किया गया। यह स्तर खतरे के निशान से 1.65 मीटर अधिक बताया गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।







