श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश): भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए हेवी-लिफ्ट रॉकेट GSLV-F17 के जरिए उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 को सफलतापूर्वक निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया। यह मिशन PSLV की हालिया विफलता के बाद इसरो के लिए खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
करीब 27.5 घंटे की सफल उलटी गिनती के बाद GSLV-F17 ने शुक्रवार सुबह 2:55 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से उड़ान भरी। बारिश के बीच हुए इस प्रक्षेपण ने सुबह के अंधेरे आसमान को रोशन कर दिया।
प्रक्षेपण के बाद रॉकेट ने लगभग 18-19 मिनट की उड़ान पूरी कर उपग्रह को निर्धारित कक्षा में स्थापित किया। इसके साथ ही करीब सात महीने के अंतराल के बाद इसरो का यह पहला प्रमुख मिशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
इसरो ने सोशल मीडिया मंच पर मिशन की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा कि GSLV-F17/EOS मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।
प्रक्षेपण को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे। बारिश के बावजूद छात्रों और महिलाओं समेत सैकड़ों लोगों ने उत्साह के साथ रॉकेट की उड़ान देखी और इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।
GSLV-F17 की सफल उड़ान को इसरो के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे भारत की पृथ्वी अवलोकन और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षमताओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।







