नयी दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नोएडा से दिल्ली आ रही एक स्लीपर बस में नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना का हवाला देते हुए पुलिस निगरानी और बसों की जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि कथित घटना ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच करीब 45 किलोमीटर के सफर के दौरान हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली के रिंग रोड और सीमा क्षेत्र से होकर गुजरी, लेकिन कथित तौर पर कहीं भी उसकी जांच नहीं हुई।
बस में लगे पर्दों को लेकर उठाया सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि बस की सीटों पर पर्दे लगे हुए थे, जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं देती थीं। उन्होंने सवाल किया कि निर्भया कांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई वर्षों में नियम और निगरानी की व्यवस्था होने के बावजूद ऐसी बसों की जांच और निगरानी प्रभावी तरीके से क्यों नहीं हो रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक बस में लगे पर्दों का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था में मौजूद खामियों को भी सामने लाती है। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली और एनसीआर में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
दिल्ली और यूपी पुलिस की जवाबदेही पर सवाल
राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही तय किए जाने की मांग उठाई। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधीन आने वाली पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल किया कि क्या इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से सवाल किया कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था में सुधार कब किया जाएगा।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट के साथ एक अखबार में प्रकाशित उस खबर को भी साझा किया, जिसमें नोएडा से दिल्ली आ रही स्ली







