नासिक: नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिम्हस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत शहर और आसपास के इलाकों में सड़क चौड़ीकरण व मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्यों के कारण कई सड़कें संकरी और व्यस्त हो गई हैं, जिससे यातायात जाम के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। नागरिक समाज ने प्रशासन से सड़क निर्माण पूरा होने तक भारी वाहनों की आवाजाही के लिए अलग समय निर्धारित करने की मांग की है।
निर्माणाधीन मार्गों पर कई जगह गड्ढे, कीचड़, अधूरे सड़क हिस्से और निर्माण सामग्री पड़ी हुई है। इन रास्तों पर कंटेनर, ट्रक, डंपर, जेसीबी और रोड रोलर जैसे भारी वाहन भी लगातार गुजर रहे हैं। संकरी और असमतल सड़कों पर दोपहिया वाहन चालकों को भारी वाहनों को रास्ता देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे जाम और हादसों का खतरा बढ़ गया है।
नागरिकों की ओर से दिए गए प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि भारी वाहनों को रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक आवाजाही की अनुमति दी जाए, जबकि सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक उनकी आवाजाही को प्रतिबंधित या सीमित रखा जाए। दिन के समय यातायात का दबाव अधिक रहने के कारण इस व्यवस्था से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
आवश्यक सेवाओं, आपात स्थिति या ऐसी परिस्थितियों में जहां निर्माण वाहनों की दिन में आवाजाही जरूरी हो, उनके लिए विशेष अनुमति और निर्धारित मार्ग की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा कुंभ मेला प्राधिकरण, कुंभ मेला आयुक्त, नासिक नगर निगम आयुक्त और पुलिस आयुक्त से संयुक्त रूप से निर्माणाधीन प्रमुख सड़कों के लिए समर्पित यातायात प्रबंधन योजना तैयार करने की मांग की गई है।
प्रस्ताव में दोपहिया वाहनों के लिए सुरक्षित और संभव हो तो अलग मार्ग उपलब्ध कराने, निर्माण स्थलों पर स्पष्ट संकेतक, रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। साथ ही नागरिकों को पहले से उन मार्गों और समय की जानकारी देने का सुझाव दिया गया है, जिन पर भारी वाहनों को आवाजाही की अनुमति होगी।
दुर्घटना संभावित स्थानों का संयुक्त सर्वेक्षण कर वहां तत्काल यातायात पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। प्रस्तावित अस्थायी यातायात व्यवस्था को सड़क निर्माण पूरा होने तक लागू रखने और यातायात की स्थिति के आधार पर समय-समय पर इसकी समीक्षा करने की बात कही गई है।
सिम्हस्थ कुंभ मेले के लिए बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विकास जरूरी है, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है। नागरिक समाज ने सड़क निर्माण और यातायात संचालन के बीच बेहतर समन्वय के साथ दिन में दोपहिया और अन्य हल्के वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।







