नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता को खत्म करो’ के आह्वान पर सवाल उठाए।
बांसुरी स्वराज ने पूछा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में राजनीतिक और सामाजिक पितृसत्ता को खत्म करने के पक्षधर हैं, तो कांग्रेस शासित कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की सरकारों में महिलाओं को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं का सशक्तिकरण कांग्रेस के लिए केवल राजनीतिक नारा बनकर रह गया है।
भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को पहले अपनी पार्टी के भीतर महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों और घटनाओं पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कंगना रनौत, हेमा मालिनी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से जुड़े पुराने विवादों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर कथित दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को केवल सोशल मीडिया पर बयान देने के बजाय महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सम्मान को लेकर ठोस एजेंडा सामने रखना चाहिए। बांसुरी ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कानूनों और नीतियों का विरोध किया है।
भाजपा सांसद ने शाह बानो मामले और तीन तलाक कानून को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों में महिला अधिकारों के मुद्दे पर समान दृष्टिकोण नहीं दिखाई देता।
बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी से सवाल किया कि यदि वह वास्तव में पितृसत्ता के खिलाफ हैं तो विभिन्न सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर उनका दृष्टिकोण एक समान क्यों नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ को लेकर भी सवाल उठाए।
भाजपा के इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस इन सवालों पर क्या जवाब देते हैं।







