The shutdown on August 27, a day before Rakshabandhan, will cause inconvenience to traders and common people: Laxmikanta Chawla

अमृतसर: पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने विभिन्न सरकारी कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों द्वारा लंबित महंगाई भत्ते (डीए) के बकाये समेत अपनी मांगें पूरी न होने के विरोध में 27 अगस्त 2026 को राज्यव्यापी हड़ताल और ‘महाबंद’ को लेकर चिंता जताते हुए बंद का आह्वान करने वालों और पंजाब सरकार से बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकालने की अपील की है, जिससे 27 अगस्त को किसी भी तरह का बंद न हो। प्रो. चावला ने कहा कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है और उससे ठीक एक दिन पहले बंद होने से व्यापारियों, छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी वालों के साथ-साथ आम परिवारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से एक दिन पहले लोग मिठाइयां, फल, राखियां, उपहार और अन्य जरूरी सामान खरीदते हैं तथा इस दिन बाजारों में व्यापार भी काफी अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मिठाई और फल ऐसी वस्तुएं हैं, जिन्हें लोग त्योहार से कई दिन पहले खरीदकर नहीं रख सकते। इसके अलावा छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वाले भी रक्षाबंधन से जुड़े सामान की बिक्री से अपनी आजीविका कमाते हैं। ऐसे में बंद के लिए त्योहार से ठीक पहले का दिन चुना जाना इन लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।


उन्होंने कहा कि उन्हें मिल रही सूचनाओं के अनुसार बंद का आह्वान करने वालों ने रेलगाड़ियों और बसों का संचालन बाधित करने के साथ-साथ बाजार बंद कराने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 27 अगस्त को हजारों भाई-बहन रक्षाबंधन के लिए एक-दूसरे के घरों में आते-जाते हैं। यदि सार्वजनिक परिवहन और अन्य यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है तो उन्हें भी अपने परिवारों तक पहुंचने में कठिनाई होगी। उन्होंने बंद का आह्वान करने वालों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनकी कोई मांग है और सरकार से उसे मनवाना है तो सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएं, लेकिन पंजाब के करोड़ों लोगों और त्योहार मनाने वाले परिवारों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

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प्रो चावला ने पंजाब सरकार से भी बंद की घोषणा करने वालों के साथ तत्काल बातचीत करने की अपील की ताकि कोई ऐसा रास्ता निकाला जा सके, जिससे आंदोलनकारियों की मांगों पर चर्चा भी हो और आम लोगों को परेशानी भी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि बंद का आह्वान करने वालों को भी इस बात पर विचार करना चाहिए कि 27 अगस्त का दिन चुनना पंजाब के लोगों, व्यापारियों और त्योहार की तैयारियों के लिए उचित नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बंद करने वाले स्वयं घोषणा करेंगे कि 27 अगस्त को पंजाब में बंद नहीं होगा।


उल्लेखनीय है कि विभिन्न सरकारी कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों ने लंबित महंगाई भत्ते के बकाये समेत अपनी मांगें पूरी न होने के विरोध में 27 अगस्त 2026 को राज्यव्यापी हड़ताल और ‘महा बंद’ का आह्वान किया है। इस दौरान सरकारी कार्यालयों, सरकारी स्कूलों और विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर रहने की संभावना है। निजी कारोबार, सार्वजनिक परिवहन और बाजारों के सामान्य रूप से खुले रहने की उम्मीद है। सांझा कर्मचारी और पेंशनर्स फ्रंट ने इस दिन बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सामूहिक छुट्टी पर रहने की घोषणा की है। इस हड़ताल के कारण सचिवालय, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग समेत कई सरकारी सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।

ट्रांसपोर्ट और तहसीलों में भी कामकाज ठप रहने का असर देखने को मिल सकता है। पटवारी, क्लेरिकल स्टाफ और विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों के भी इस आंदोलन में शामिल होने की बात कही गयी है। ऐसे में 27 अगस्त को सरकारी कार्यालयों में आम लोगों से जुड़े कई काम प्रभावित हो सकते हैं। सांझा कर्मचारी फ्रंट के इस ऐलान के बाद पंजाब में व्यापक असर की संभावना जताई जा रही है। हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवाओं को लेकर क्या व्यवस्था रहेगी, इसे लेकर संबंधित विभागों की ओर से स्थिति स्पष्ट की जानी बाकी है।