Saira Banu turns 82, her illustrious film journey, which began with 'Junglee', remained memorable till 'Padosan'.

मुंबई: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री सायरा बानु आज अपना 82वां जन्मदिन मना रही हैं। 23 अगस्त 1944 को जन्मीं सायरा बानु ने अपने करीब चार दशक लंबे फिल्मी करियर में लगभग 50 फिल्मों में अभिनय कर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

सायरा बानु की मां नसीम बानु भी अपने दौर की मशहूर अभिनेत्री थीं और उन्हें ‘ब्यूटी क्वीन’ के नाम से जाना जाता था। सायरा का बचपन लंदन में बीता, जहां उन्होंने शिक्षा हासिल की। वर्ष 1960 में मुंबई लौटने के बाद उनकी मुलाकात निर्माता-निर्देशक शशधर मुखर्जी से हुई। उन्होंने सायरा की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें अपने भाई सुबोध मुखर्जी से मिलने की सलाह दी।

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सुबोध मुखर्जी उन दिनों फिल्म ‘जंगली’ के लिए नई अभिनेत्री की तलाश में थे। वर्ष 1961 में रिलीज हुई इस फिल्म में सायरा बानु ने शम्मी कपूर के साथ मुख्य भूमिका निभाई। फिल्म की जबरदस्त सफलता ने दोनों कलाकारों को स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। फिल्म के गीत आज भी लोकप्रिय हैं।

इसके बाद सायरा बानु ने ‘ब्लफ मास्टर’, ‘मिलन की बेला’, ‘शागिर्द’ और ‘पड़ोसन’ जैसी सफल फिल्मों में अभिनय किया। वर्ष 1968 में रिलीज हुई ‘पड़ोसन’ उनके करियर की प्रमुख फिल्मों में शामिल है। फिल्म में बिंदु के किरदार और उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया।

वर्ष 1966 में सायरा बानु ने अभिनेता दिलीप कुमार से विवाह किया। शादी के बाद भी उन्होंने फिल्मों में काम जारी रखा। वर्ष 1970 में दोनों ने पहली बार फिल्म ‘गोपी’ में साथ काम किया। इसके बाद ‘सगीना’, ‘बैराग’ और ‘दुनिया’ जैसी फिल्मों में उनकी जोड़ी नजर आई।

‘पूरब और पश्चिम’, ‘चैताली’ और ‘हेराफेरी’ भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रहीं। वर्ष 1988 में ‘फैसला’ के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से संन्यास ले लिया। वर्ष 2006 में उन्होंने भोजपुरी फिल्म ‘अब तो बन जा सजनवा हमार’ का निर्माण किया।

सायरा बानु की यादगार फिल्मों में ‘दूर की आवाज’, ‘आओ प्यार करें’, ‘झुक गया आसमान’, ‘आदमी और इंसान’, ‘विक्टोरिया नंबर 203’, ‘रेशमी की डोरी’ और ‘बलिदान’ समेत कई फिल्में शामिल हैं।