कीव: यूरोपीय संघ ने बंदरगाहों में जारी लॉजिस्टिक संकट और नाकेबंदी के कारण प्रभावित यूक्रेनी किसानों के लिए 22 करोड़ यूरो की अतिरिक्त गैर-वापसी योग्य सहायता देने से इनकार कर दिया है। यूक्रेनी समाचार पत्र यूरोपीय प्रावदा ने यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता मार्कस लैमर्ट के हवाले से यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के कृषि क्षेत्र पर बंदरगाहों से जुड़ी समस्याओं का असर लगातार बढ़ रहा है। इससे पहले 23 जुलाई को यूक्रेन के कृषि नीति मंत्री तारास वायसोस्की ने बताया था कि जहाज मालिकों के फैसले के बाद जहाजों ने यूक्रेनी बंदरगाहों में प्रवेश करना बंद कर दिया है। इससे कृषि उत्पादों के निर्यात और परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
अगस्त की शुरुआत में माल ढुलाई एजेंटों के संघ ने पोलिश सीमा पर परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पोलैंड में प्रवेश के लिए करीब 6,500 ट्रक कतार में खड़े थे और ट्रकों को सीमा पार करने के लिए सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा था।
यूक्रेनी कृषि मंत्रालय ने छोटे और मध्यम आकार के कृषि उत्पादकों के ऋण पर ब्याज की भरपाई के लिए यूरोपीय आयोग से 22 करोड़ यूरो की गैर-वापसी योग्य सहायता देने पर विचार करने का अनुरोध किया था। हालांकि, यूरोपीय संघ ने इस अतिरिक्त सहायता को मंजूरी नहीं दी।
यूरोपीय आयोग पहले से ही मध्यस्थ संस्थाओं के जरिए यूक्रेनी बैंकों के ऋण कार्यक्रमों का समर्थन करता है। इन बैंकों के माध्यम से उद्यमियों और किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
यूक्रेन के कृषि मंत्रालय ने आशंका जताई है कि बंदरगाहों में लॉजिस्टिक समस्याओं के चलते 2026-27 में देश का कृषि निर्यात आधा रह सकता है। इससे किसानों और कृषि क्षेत्र की आर्थिक चुनौतियां और बढ़ने की संभावना है।







