Home राष्ट्रीय राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा का छठा सत्र शुरू

राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा का छठा सत्र शुरू

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Sixth session of the 16th Rajasthan Legislative Assembly begins

जयपुर: राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा का छठा सत्र गुरुवार को शुरू हुआ। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पूर्वाह्न 11 बजे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के साथ सदन की कार्यवाही शुरू की। छठे सत्र के पहले ही दिन विपक्ष कांग्रेस के सदस्य सदन में नहीं आये। इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन में पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आज छठे सत्र की शुरुआत पर सभी का स्वागत हैं लेकिन विपक्ष खाली देखकर मन में पीड़ा होती है कि आज यहां विपक्ष नहीं है। सदन की सुरक्षा के तहत विधानसभा के सात नम्बर द्वार से आने की की व्यवस्था की गयी और विपक्ष के सदस्यों से कहा गया कि द्वार संख्या छह से भी एक-एक करके आ सकते हैं, लेकिन अभी तक वे सदन में नहीं आये । उन्होंने कहा कि यह स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि वे सदन की कार्यवाही में भाग लें और विपक्ष को सम्मान एवं अधिकार दिया गया हैं वे अपना विषय सदन में रखे और उस पर सरकार संज्ञान लेकर उसका उत्तर दें।


इस दौरान सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि लगता है कि कांग्रेस के सदस्यों को राष्ट्र गीत वन्दे मातरम् में शामिल नहीं होना था, इसलिए उन्होंने बहाना बनाया है और वे सदन में नहीं आये है, क्योंकि वे समय पर सदन में आते तो उन्हें वंदे मातरम् गाना पड़ता। इस दौरान संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह बहुत ही खेद का विषय हैं कि विपक्ष कांग्रेस के सदस्य बिना किसी कारण एवं बिना किसी सूचना पर सदन में अनुपस्थित रहे हैं। सदन ने व्यवस्था दी, जिसकी अवज्ञा की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि राजस्थान में नई व्यवस्था की गयी और सदन शुरु होने से पहले सर्वदलीय बैठक की गयी और उसमें सर्वसम्मति बनी लेकिन उसके विपरीत जाकर बात की गयी है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या का काम किया गया हैं और यह विधानसभा अध्यक्ष की आज्ञा का पालन नहीं करना है।

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इस दौरान गत सत्र में पारित उन विधेयकों का विवरण सदन की मेज पर रखा जिन पर राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो चुकी है। बाद में सदन में त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल डी वाई पाटिल, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी और अन्य के निधन पर शोकाभिव्यक्ति की गयी। इस दौरान सदन में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गयी।
इसके बाद श्री देवनानी ने सदन की कार्यवाही 11 बजकर 22 मिनट पर शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे तक स्थगित कर दी।