बेंगलुरु: कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल सेक्युलर (जद एस) ने शनिवार को चुनाव से पहले एक करीबी राजनीतिक गठबंधन की ओर कदम बढ़ाया और संयुक्त रूप से प्रदेश सरकार का मुकाबला करने और अगले दो से तीन दिनों के भीतर एक समन्वय समिति बनाने का फैसला किया है।
यह निर्णय यहां भाजपा और जद (एस) के वरिष्ठ नेताओं की एक समन्वय बैठक में लिया गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, विपक्ष के नेता आर. अशोक और भाजपा एमएलसी चलवादी नारायण स्वामी शामिल हुए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र कथित तौर पर आपातकालीन दौरे पर शिकारीपुरा में होने के कारण बैठक में मौजूद नहीं रहे।
समन्वय के लिए तत्काल मुख्य कारण प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना है। जद (एस) परियोजना के खिलाफ नौ और 10 अगस्त को बैरमंगला से केंगेरी तक दो दिवसीय पदयात्रा आयोजित करेगी, जिसमें भाजपा नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से भाग लेने का फैसला किया है। आगामी 19 या 20 अगस्त को फ्रीडम पार्क में दोनों दलों का संयुक्त समापन सम्मेलन भी प्रस्तावित है।
श्री कुमारस्वामी ने कहा कि दोनों दलों ने अधिक समन्वय की आवश्यकता पर चर्चा की है और आगामी विधानसभा सत्र के दौरान किसानों के मुद्दों, सूखे और बिदादी टाउनशिप परियोजना को संयुक्त रूप से उठायेंगे। उन्होंने कहा, “भाजपा और जद(एस) ने साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। हमने चर्चा की है कि समन्वय में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि किसान लगभग 500 दिनों से प्रस्तावित टाउनशिप का विरोध कर रहे थे और अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विधानसभा में बहस होनी चाहिए।
श्री अशोक ने कहा कि दोनों दल संयुक्त रूप से सरकार के खिलाफ व्यापक मुद्दों को उठायेंगे, जिनमें सूखा, एनआईसीई, केपीएससी भर्ती में कथित अनियमितताएं और किसानों की चिंताएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, “हम सदन में और भविष्य के सभी संघर्ष एक साथ लड़ेंगे। दो से तीन दिनों में भाजपा-जद(एस) समन्वय समिति का गठन किया जायेगा।”
श्री अशोक ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था पर भाजपा नेतृत्व से परामर्श किया गया है और केंद्रीय मंत्री भी समिति का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा, “चुनाव नजदीक आ रहे हैं। इसलिए हमने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।” उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समन्वय चुनावी लड़ाई से पहले अपनी विपक्षी रणनीति को मजबूत करने के लिए भाजपा और जद (एस) द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रयास का प्रतीक है, जिसमें बिदादी आंदोलन उनकी संयुक्त लामबंदी के लिए पहला प्रमुख मंच प्रदान करता है।







