Home राष्ट्रीय शृंगार गौरी केस की वादिनी महिलाओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में चढ़ाया...

शृंगार गौरी केस की वादिनी महिलाओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में चढ़ाया जल, की विशेष प्रार्थना

5
0
The women plaintiffs in the Shringar Gauri case offered water and prayed at the Kashi Vishwanath Temple.

वाराणसी: सावन में बाबा विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में शनिवार को माता शृंगार गौरी केस से जुड़ी वादिनी महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर करीब दो किलोमीटर तक पैदल यात्रा की और बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान महिलाओं ने ‘ज्ञानवापी मुक्त करो’ के नारे भी लगाए।

कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। महिलाओं ने कहा कि वे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने और उनसे प्रार्थना करने के लिए मंदिर पहुंची हैं। उनका कहना था कि वे न्यायालय में चल रहे मामले में जीत की कामना लेकर बाबा के दरबार में आई हैं।

GNSU Admission Open 2026

महिलाओं ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने को लेकर उनका दावा है कि वहां उनके आराध्य महादेव विराजमान हैं। उन्होंने बाबा से प्रार्थना की कि जल्द न्यायालय में मामले का फैसला उनके पक्ष में आए और उन्हें वहां जलाभिषेक करने का अवसर मिले। साथ ही उन्होंने शृंगार गौरी माता के दर्शन और पूजन की अनुमति मिलने की भी कामना की।

कलश यात्रा में ज्ञानवापी मामले से जुड़े अधिवक्ता भी शामिल हुए। सभी ने बाबा विश्वनाथ के जयकारे लगाए। यात्रा के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर के 4बी गेट से प्रवेश कराया गया। सावन के चलते मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस भी अलर्ट नजर आई। श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिसकर्मी मंदिर के बाहर तैनात रहे।

इस पूरे मामले से जुड़े सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि ज्ञानवापी से संबंधित मुकदमा बाबा विश्वनाथ को मुक्त कराने के लिए चल रहा है। उन्होंने अपने बयान में दावा किया कि आक्रांताओं द्वारा मंदिर को ध्वस्त कर वहां मस्जिद का निर्माण कराया गया था। उनका कहना था कि उस ढांचे को हटाकर वहां भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा स्थल है।

चतुर्वेदी ने कहा कि कलश यात्रा में शामिल महिलाएं बाबा विश्वनाथ से यही प्रार्थना करने आई हैं कि न्यायालय इस मामले में जल्द फैसला सुनाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था इस पूरे मामले से गहराई से जुड़ी हुई है और सभी को न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा है।