सारण: सारण जिले के अवतार नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत देवरिया गांव से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां ननिहाल जाने के लिए घर से निकले 10वीं कक्षा के छात्र की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के इकलौते बेटे की असमय मौत से माता-पिता समेत पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान देवरिया गांव निवासी वकील बैठा के 14 वर्षीय पुत्र अमरजीत कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि अमरजीत गया जिला मुख्यालय स्थित अपने ननिहाल जाने के लिए घर से निकला था। वह पटना से गया जाने वाली ट्रेन में सफर कर रहा था। यात्रा के दौरान उसने अपनी मां संध्या देवी से मोबाइल पर बात भी की थी।
परिजनों के अनुसार, बातचीत के समय अमरजीत कुछ घबराया हुआ लग रहा था, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि यह मां-बेटे की आखिरी बातचीत साबित होगी। कुछ समय बाद रेलवे पुलिस ने मोबाइल पर परिजनों को सूचना दी कि चटन और गया स्टेशन के बीच रेल लाइन के पोल संख्या-87 के समीप एक युवक का शव मिला है। मौके से मिले साक्ष्यों और मोबाइल के आधार पर उसकी पहचान अमरजीत कुमार के रूप में हुई। सूचना मिलते ही परिजन बदहवास होकर घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। रेलवे पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों को सौंप दिया है। शव घर पहुंचते ही पूरे गांव में मातम पसर गया।
बेटे का शव देखते ही मां संध्या देवी दहाड़ मारकर रोने लगीं, जबकि पिता और अन्य परिजनों की आंखों से भी आंसुओं का सैलाब थमने का नाम नहीं ले रहा था। गांव के लोगों की आंखें भी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर नम हो गईं। परिजनों ने अमरजीत का अंतिम संस्कार गया के विष्णुपद धाम में किया। अंतिम विदाई के दौरान भी हर किसी की आंखें नम थीं। बताया जाता है कि अमरजीत के पिता वकील बैठा मधुबनी जिले में पुलिस विभाग में कार्यरत हैं। घटना के समय वह अपने पैतृक गांव देवरिया में ही मौजूद थे। अमरजीत परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी पढ़ाई-लिखाई को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए थे, लेकिन एक दर्दनाक रेल हादसे ने उन सभी सपनों को पलभर में बिखेर दिया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है और हर कोई शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने में जुटा है।







