टिहरी: उत्तराखंड के जनपद टिहरी गढ़वाल में अमर शहीद श्रीदेव सुमन के बलिदान दिवस पर शनिवार को श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के साथ श्रीदेव सुमन स्मृति दिवस मनाया गया।
जिला कारागार नई टिहरी स्थित श्रीदेव सुमन स्मृति स्थल पर आयोजित मुख्य समारोह में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने अमर शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, छात्र-छात्राओं, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर अमर शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
समारोह के दौरान स्मृति स्थल पर स्थापित श्रीदेव सुमन की प्रतिमा के साथ उनकी ऐतिहासिक बेड़ियों का भी प्रदर्शन किया गया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मार्चपास्ट करते हुए “अमर शहीद श्रीदेव सुमन अमर रहें” के नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि श्रीदेव सुमन का जीवन सत्य, न्याय और जनाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनका त्याग और बलिदान आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने कहा कि श्रीदेव सुमन के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
स्मृति दिवस के अवसर पर जिला कारागार परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मैराथन प्रतियोगिता को मुख्य विकास अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रतियोगिता के समापन पर विभिन्न वर्गों के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंडर-14 बालिका वर्ग में अंजली रतूड़ी, जबकि बालक वर्ग में फैजल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं ओपन बालिका वर्ग में मानसी तथा ओपन बालक वर्ग में अनूप विजेता रहे।
गौरतलब है कि अमर शहीद श्रीदेव सुमन ने तत्कालीन टिहरी रियासत में जनाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया था। कारावास के दौरान 84 दिनों के आमरण अनशन के बाद 25 जुलाई 1944 को उन्होंने मातृभूमि और जनहित के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके इसी अद्वितीय त्याग की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 25 जुलाई को प्रदेशभर में श्रीदेव सुमन स्मृति दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मो. असलम, अपर पुलिस अधीक्षक दीपक, उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता, जेल अधीक्षक अभिलाष गैरोला, तहसीलदार धीरज राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।







