Home राष्ट्रीय अभिषेक बनर्जी का पुलिस पर बड़ा आरोप, कहा- गैर-कानूनी तोड़-फोड़ की गई

अभिषेक बनर्जी का पुलिस पर बड़ा आरोप, कहा- गैर-कानूनी तोड़-फोड़ की गई

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Abhishek Banerjee made a big allegation against the police, saying that illegal demolition was done.

नयी दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने उनका ऑफिस तोड़कर वहां रखा सामान और दस्तावेज़ हटा दिए हैं जबकि यह मामला अभी कलकत्ता हाई कोर्ट में लंबित है। श्री बनर्जी ने सोशल मीडिया पर रविवार को एक पोस्ट में दावा किया कि तथाकथित “बुलडोज़र से तोड़-फोड़” की इस कार्रवाई में उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के निर्देशों को नज़रअंदाज़ किया गया है और यह राज्य में व्याप्त “अराजकता” का उदाहरण है। उन्होंने लगाया कि अमतला में उनके लोकसभा क्षेत्र के ऑफिस को कानून का उल्लंघन करते हुए तोड़ा गया।


श्री बनर्जी ने कहा, “बंगाल में अराजकता साफ दिख रही है। उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसलों में बुलडोज़र से तोड़-फोड़ को असंवैधानिक करार दिए जाने के बावजूद, कल अमतला में मेरे लोकसभा क्षेत्र के ऑफिस को तोड़ दिया गया।” तृणमूल कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वीडियो में पुलिसकर्मी ऑफिस का सामान, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्नीचर और दस्तावेज़ शामिल थे, हटाने में मदद करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

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उन्होंने आरोप लगाया, “वीडियो में पश्चिम बंगाल पुलिस को भाजपा के लोगों के साथ मिलकर लैपटॉप, प्रिंटर, दस्तावेज़, टेबल, कुर्सियाँ और अन्य फर्नीचर से भरे बक्से ले जाते हुए देखा जा सकता है। यह तोड़-फोड़ नहीं थी बल्कि यह वर्दी में चोरी थी, जिसे कानून के शासन के प्रति पूरी तरह से अनादर दिखाते हुए और उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद अंजाम दिया गया।” उन्होंने पुलिस पर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से मुंह मोड़ने का भी आरोप लगाते हुए कहा , “जिन लोगों को कानून बनाए रखना चाहिए था, वे ही कानून तोड़ने वाले बन गए हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस पर शर्म आती है!”


ये आरोप हालिया विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच सामने आए हैं, जिसमें तृणमूल कांग्रेस और भाजपा शासन और प्रशासनिक कार्यों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। श्री बनर्जी के क्षेत्र के ऑफिस को तोड़ा जाना नवीनतम विवाद का मुद्दा बन गया है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित थी और यह मामला न्यायिक विचार-विमर्श के अधीन होने के बावजूद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। फिलहाल इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस या भाजपा की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिली है।