Home बिहार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में उमड़ी गर्भवतियों की भीड़, डॉक्टरों ने बरसात...

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में उमड़ी गर्भवतियों की भीड़, डॉक्टरों ने बरसात में बरतने को कहा विशेष एहतियात

31
0
Crowds of pregnant women gathered for the Prime Minister's Safe Motherhood Campaign, doctors advised to take special precautions during the rainy season.

सासाराम (रोहतास): रोहतास के सासाराम सदर अस्पताल में गुरुवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत आयोजित विशेष एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) शिविर में गर्भवती महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिविर में सैकड़ों महिलाओं ने स्वास्थ्य जांच कराई। इस दौरान चिकित्सकों ने बदलते मौसम और बरसात को देखते हुए गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी। अस्पताल में आयोजित शिविर के दौरान गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप (बीपी), वजन, हीमोग्लोबिन, पेशाब सहित अन्य आवश्यक जांच निःशुल्क की गई।

समाचार लिखे जाने तक 50 से अधिक महिलाओं की जांच पूरी हो चुकी थी, जबकि पूरे दिन में 200 से अधिक महिलाओं के जांच कराने की संभावना जताई गई। वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. मनीषा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 9 और 21 तारीख को विशेष एएनसी जांच शिविर आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच कर संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, अन्य तरल पदार्थ तथा आवश्यकता अनुसार ओआरएस का सेवन करें। साथ ही नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराएं और केवल स्वच्छ एवं उबला हुआ पानी ही पिएं।

GNSU Admission Open 2026


डॉ. मनीषा ने गर्भवती महिलाओं को बासी भोजन, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों तथा संक्रमण फैलाने वाली चीजों से परहेज करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जलजनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से समय-समय पर एएनसी जांच कराने और चिकित्सकों की सलाह का पालन करने की अपील की, ताकि मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।