Home राष्ट्रीय जालौन में हरित अभियान तेज, 98.12 लाख पौधरोपण का रखा गया लक्ष्य

जालौन में हरित अभियान तेज, 98.12 लाख पौधरोपण का रखा गया लक्ष्य

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Green campaign intensifies in Jalaun, target set to plant 98.12 lakh saplings

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में इस वर्ष वृक्षारोपण महाअभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए वन विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रदीप कुमार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण, भूजल संवर्धन और जैव विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में विभिन्न थीम आधारित 15 विशिष्ट वनों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का भी संकल्प ले।
डीएफओ ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वन विभाग और अन्य विभागों के सहयोग से जिले में कुल 98 लाख 12 हजार 400 पौधों का रोपण किया जाएगा। इसमें वन विभाग द्वारा 50 लाख 24 हजार तथा अन्य विभागों द्वारा 47 लाख 88 हजार 400 पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए सभी वन ब्लॉकों में गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता, सिंचाई और सुरक्षा की व्यवस्थाएं पहले ही सुनिश्चित कर ली गई हैं।


इस वर्ष विशेष आकर्षण के रूप में विभिन्न उद्देश्यों को ध्यान में रखकर विशिष्ट वनों की स्थापना की जा रही है। कदौरा विकासखंड के आटा वन ब्लॉक में ‘वंदे मातरम् वाटिका’ विकसित की जाएगी, जहां लगभग 2,500 पौधे लगाए जाएंगे। इसी क्षेत्र में ‘ऊर्जा वन’ के तहत बबूल, सिरस, खैर, चिलबिल और अन्य प्रजातियों का रोपण होगा। उकासा वन ब्लॉक में ‘अविरल धारा वन’ के अंतर्गत 56 हजार पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर, अर्जुन, जामुन, आम, महोगनी सहित अनेक प्रजातियां शामिल रहेंगी।

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सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा देने के लिए ‘भाई-बहन वृक्षारोपण’ तथा ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान भी चलाया जाएगा, जिनके तहत आटा वन ब्लॉक में 1,600-1,600 पौधों का रोपण होगा। महेवा क्षेत्र के आलमपुर प्रथम वन ब्लॉक में ‘महर्षि चरक वन’ विकसित किया जाएगा, जहां अर्जुन, आंवला, जामुन, सहजन, बहेड़ा और औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। वहीं ‘समरस वन’ और ‘खाद्य वन’ की स्थापना कर फलदार एवं छायादार पौधों को बढ़ावा दिया जाएगा। डकोर विकासखंड के बोहदपुरा वन ब्लॉक में ‘कपि वन’ बनाया जाएगा, जिसमें आंवला, सागौन, आम, अमरूद, जामुन, अनार, सहजन और कटहल जैसे पौधे लगाए जाएंगे। वहीं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 50 हजार पौधों का रोपण कर हरित कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।


इसके अलावा बोहदपुरा वन ब्लॉक में ‘अविरल धारा वन’ के तहत 32 हजार पौधे तथा ‘त्रिवेणी वन’ में पीपल, बरगद और नीम के पौधे लगाए जाएंगे। जालौन विकासखंड के ग्राम सुधार में ‘समृद्धि वन’, नदीगांव क्षेत्र में ‘शक्ति वन’ तथा माधौगढ़ के गोपालपुरा वन ब्लॉक में ‘मित्र वन’ स्थापित किए जाएंगे। इन स्थलों पर शीशम, सागौन, कदम्ब, महोगनी, अर्जुन, गुलमोहर, नीम, आम और अन्य उपयोगी प्रजातियों का रोपण किया जाएगा।


डीएफओ प्रदीप कुमार ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता, स्वच्छ वायु और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला भी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों, विद्यालयों, पंचायतों और विभिन्न विभागों से वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही जालौन को हरित और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाया जा सकेगा।