
जमुहार (सासाराम): युवाओं को नशे की लत से दूर रखकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (जीएनएसयू) के नारायण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की ओर से विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “नशे को ना, जिंदगी को हां (Say Yes to Life, No to Drugs)” रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) जगदीश सिंह सिन्हा, नारायण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्राचार्य डॉ. पुनीत कुमार सिंह, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. (डॉ.) बिमल शंकर सिंह, स्टूडेंट सेक्शन इंचार्ज डॉ. सुरेश कुमार सिन्हा तथा परीक्षा नियंत्रक डॉ. संदीप सहित कई गणमान्य शिक्षाविद एवं चिकित्सक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में आईजीआईएमएस, पटना की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मिस प्रिया कुमारी, मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. राज कुमार तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निपिका सिन्हा मन्नू ने युवाओं को संबोधित किया।

विशेषज्ञों ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके मानसिक संतुलन, पारिवारिक जीवन, सामाजिक संबंधों और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर जिज्ञासा या साथियों के दबाव में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर लत का रूप ले लेती है। इसलिए युवाओं को सही समय पर जागरूक होना और गलत संगति से बचना बेहद आवश्यक है।वक्ताओं ने छात्रों को तनाव, अवसाद और जीवन की चुनौतियों का सामना सकारात्मक सोच, खेलकूद, योग, रचनात्मक गतिविधियों और परिवार के सहयोग से करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहकर ही एक स्वस्थ, सुरक्षित और सफल समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम को रोचक और संवादात्मक बनाने के लिए फ्रीज़ प्ले, पैनल डिस्कशन तथा “हमारी बात” जैसे विशेष सत्रों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशे से जुड़े विभिन्न सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए उन्हें नशे के दुष्प्रभावों और उससे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों को नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई गई। उन्हें अपने साथियों, परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।






