प्रयागराज: मुहर्रम की नौवीं पर प्रयागराज में अकीदत और गम का अनूठा संगम देखने को मिला। शहर के बड़ा ताजिया स्थित इमामबाड़ों में देर रात तक अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में जायरीन इमाम हुसैन की जियारत के लिए पहुंचे और फातेहा पढ़कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और इंसानियत की सलामती की दुआ मांगी। श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नतें भी मांगीं और पूरी अकीदत के साथ धार्मिक रस्मों में हिस्सा लिया।
भीड़ के कारण निरंजन टॉकीज के सामने की सड़क और बड़ा ताजिया मैदान पूरी तरह श्रद्धालुओं से भर गए। व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा ताजिया मुहर्रम कमेटी के सचिव और अन्य पदाधिकारी लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
इसी क्रम में बहादुरगंज के चक रोजा से हजरत मासूम अली असगर का पारंपरिक झूला आधी रात के बाद निकाला गया। इस धार्मिक जुलूस में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। झूला बहादुरगंज, लोकनाथ और चौक होते हुए सब्जी मंडी स्थित इमामबाड़े तक पहुंचा, जहां पारंपरिक धार्मिक रस्में अदा की गईं। पूरे रास्ते “या अली” और “या हुसैन” के नारों से माहौल गूंजता रहा। भीड़ को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से जलते हुए भपकों (अंगारों के पात्र) का भी उपयोग किया गया।
मुहर्रम के अवसर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। सहायक पुलिस उपायुक्त रवि गुप्ता, कोतवाली थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस बल पूरी रात क्षेत्र में तैनात रहा। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर लगातार नजर रखी, जिससे सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुए। प्रशासन और मुहर्रम कमेटी के समन्वय से अकीदतमंदों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और पूरे आयोजन में अनुशासन बना रहा।







