नयी दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति Droupadi Murmu से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी राष्ट्रपति से भेंट की थी। लगातार हो रही इन मुलाकातों ने राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार या फेरबदल को लेकर अटकलों को और तेज कर दिया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से सोशल मीडिया पर जारी तस्वीरों और जानकारी के बाद इस मुलाकात को लेकर चर्चा बढ़ गई। हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक के एजेंडे का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीते कुछ दिनों में भाजपा ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिन्होंने कैबिनेट पुनर्गठन की संभावनाओं को बल दिया है। केंद्रीय राज्य मंत्री George Kurian का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए नामित नहीं किया गया। इसी तरह रेल राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu को भी पुनर्नामांकन नहीं मिला है। इन घटनाओं को संभावित बदलावों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा कुछ केंद्रीय मंत्रियों को पार्टी संगठन में नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। Harsh Malhotra को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि Pankaj Chaudhary को उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे कदमों से यह चर्चा और मजबूत हुई है कि केंद्र सरकार जल्द ही मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व मंत्रिमंडल में कुछ अहम बदलाव कर सकता है। हालांकि सरकार या पार्टी की ओर से अभी तक किसी फेरबदल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिर भी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की राष्ट्रपति से लगातार मुलाकातों ने दिल्ली की राजनीतिक सरगर्मियों को नया विषय दे दिया है और अब सभी की नजरें संभावित कैबिनेट विस्तार या फेरबदल पर टिकी हैं।







