केरल : केरल विधानसभा में मंगलवार को शराब टैक्स को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला, जिसके चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। विपक्षी गठबंधन CPI-M के नेतृत्व वाले एलडीएफ (LDF) के विधायकों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
पूरा विवाद राज्य सरकार द्वारा कम अल्कोहल वाली शराब पर टैक्स में भारी कटौती के फैसले को लेकर शुरू हुआ। विपक्ष ने इस फैसले को गंभीर बताते हुए इस पर तत्काल चर्चा की मांग की थी। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद विपक्षी सदस्य भड़क उठे और सदन में नारेबाजी शुरू कर दी।
विपक्ष का कहना था कि यह केवल राजस्व से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इससे राज्य की नीतियों और पारदर्शिता पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कम अल्कोहल वाली शराब पर करीब 131 प्रतिशत तक टैक्स में कमी की है, जो एक बड़ा और असामान्य फैसला है।
विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय किसी खास निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है। उन्होंने कर्नाटक की कंपनी ‘बकार्डी’ का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि सरकार के इस फैसले से उसे अनुचित लाभ मिल सकता है।
हालांकि, सरकार की ओर से इस मामले पर अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस मुद्दे ने केरल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विधानसभा में हुए इस हंगामे ने यह स्पष्ट कर दिया कि शराब नीति को लेकर राज्य में सियासी टकराव और तेज हो सकता है।
फिलहाल, इस मुद्दे पर गतिरोध जारी है और आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने के आसार हैं।







