मुंगेर: मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के सामने आर्थिक कठिनाइयां भी छोटी पड़ जाती हैं। इसका ताजा उदाहरण मुंगेर के दो युवा मुक्केबाजों ने पेश किया है। किलकारी बिहार बाल भवन, मुंगेर के दो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान पक्का कर लिया है। अब ये दोनों खिलाड़ी पंजाब में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे। बॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ बिहार की ओर से 14 जून को भागलपुर स्थित खेल भवन में आयोजित ओपन ट्रायल में राज्यभर के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मुंगेर के दो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने चयनकर्ताओं को प्रभावित करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जगह बनाई। किलकारी बिहार बाल भवन के बॉक्सिंग प्रशिक्षक अमित कुमार ने बताया कि चयनित खिलाड़ी 22 से 29 जून तक पंजाब स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। चयनित खिलाड़ियों में छोटा मिर्जापुर निवासी सुजीत कुमार का चयन सब-जूनियर बालक वर्ग के 37 किलोग्राम भार वर्ग में हुआ है।
वहीं पूरबसराय ब्रह्मस्थान निवासी सुमन कुमारी ने सब-जूनियर बालिका वर्ग के 49 किलोग्राम भार वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए जगह बनाई है। सुमन कुमारी ने बताया कि वह चार भाई-बहनों में इकलौती बहन हैं। उनके पिता भोपाल शाह जुगाड़ वाहन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने हमेशा उनकी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में सहयोग किया। वहीं, सुजीत कुमार ने बताया कि उनके परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं। उनके पिता पप्पू यादव मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया और लगातार अभ्यास के बल पर राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में चयन के बाद दोनों खिलाड़ी बेहद उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वे रोजाना कड़ी मेहनत कर रहे हैं और प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर मुंगेर तथा बिहार का नाम पूरे देश में रोशन करना चाहते हैं। प्रशिक्षक अमित कुमार ने भी दोनों खिलाड़ियों की प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए कहा कि यदि वे इसी समर्पण और अनुशासन के साथ खेलते रहे तो राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में सफल होंगे। दोनों खिलाड़ियों के चयन पर किलकारी बिहार बाल भवन के अधिकारियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि यह उपलब्धि जिले के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी और खेलों के प्रति उनका रुझान बढ़ाएगी। मुंगेर के इन युवा खिलाड़ियों की सफलता यह साबित करती है कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा और मेहनत के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।







