रोहतास: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के दावों के बीच शुक्रवार की शाम रोहतास जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, रोहतास जिले के शिवसागर पीएचसी में पदस्थापित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुंदन शराब के नशे में गिरफ्तार हुए हैं। इनके पास से पुलिस ने तीन से चार बोतल शराब भी बरामद की है तथा इन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पर बीते कई दिनों से शराब के नशे में ड्यूटी करने का आरोप लग रहा था। शिवसागर पीएचसी में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के अनुसार, चिकित्सा पदाधिकारी पिछले तीन-चार दिनों से शराब के नशे में अस्पताल आ रहे थे।
इसके कारण अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को काफी असहजता महसूस हो रही थी। बताया जाता है कि डॉ. अभिषेक कुंदन सुबह से ही अपने चेंबर में अनुपस्थित थे। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने जब पीएचसी का औचक निरीक्षण किया, तो वे गायब मिले। इसके बाद सीएस सीधे उनके आवास पर पहुंच गए और वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। डॉ. अभिषेक कुंदन शराब के नशे में पूरी तरह धुत मिले और उनके कमरे से कई बोतलें भी बरामद हुईं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिविल सर्जन ने खुद अपने अधीनस्थ अधिकारी के शराब के नशे में होने की सूचना पुलिस को दी।
उन्होंने बताया कि उन्हें डॉ. अभिषेक की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने पीएचसी में दूसरे डॉक्टर की तैनाती कर उनका हालचाल लेने का निर्णय लिया। लेकिन जब वे उनके कमरे में पहुंचे, तो डॉ. अभिषेक हमलावर हो गए। इसके बाद उन्हें पुलिस बुलानी पड़ी। स्वास्थ्य विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी का इस तरह शराब के नशे में मिलना बिहार में शराबबंदी की जमीनी हकीकत को उजागर करता है। हालांकि, इस घटना को सीएस डॉ. मणिराज रंजन ने स्वास्थ्य विभाग के लिए बेहद दुखद और निंदनीय बताया है। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी काफी आक्रोश देखा जा रहा है।







